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दिल्ली राज्य मार्ग पर नंदी, लखनऊ रोड पर नटराज… महाशिवरात्रि पर बरेली का दिव्य श्रृंगार

झुमका तिराहे पर विराजे नंदी, नाथ नगरी हुई शिवमय

फूल, लाइटिंग और शिव प्रतीकों से सजा शहर, सीएम करेंगे नंदी पार्क का लोकार्पण

बरेली समाचार

बरेली: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नाथ नगरी इस बार अलग ही आभा में नजर आएगी। शासन की मंशा के अनुरूप शहर को भव्य और आध्यात्मिक स्वरूप देने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने व्यापक स्तर पर सजावट और सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा कर लिया है।

महाशिवरात्रि से एक दिन पहले ही शहर के प्रमुख प्रवेश द्वार, चौराहे और डिवाइडर शिवत्व के प्रतीकों से सुसज्जित दिखाई देने लगे हैं। डमरू की गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

झुमका तिराहा: नंदी महाराज का दिव्य स्वागत

दिल्ली की ओर से शहर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत अब झुमका तिराहे पर स्थापित विशाल नंदी प्रतिमा करेगी। यहां आकर्षक एलईडी लाइटिंग और सेल्फी प्वाइंट तैयार किया गया है।

बीडीए द्वारा विकसित इस प्रवेश द्वार को ‘अवेद्यनाथ द्वार’ का स्वरूप दिया गया है, जो शहर की धार्मिक पहचान को नई मजबूती देगा। नंदी पार्क को भी विशेष रूप से संवारा गया है। पार्क का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन तक श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे।

लखनऊ रोड पर नटराज और त्रिशूल की भव्यता

लखनऊ की दिशा से आने वाले श्रद्धालुओं को रजऊ तिराहे पर भगवान नटराज और त्रिशूल के दर्शन होंगे। रंगीन रोशनी, सजे हुए डिवाइडर और थीम आधारित पौधरोपण से यह स्थल दर्शनीय बन गया है।

प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत शहर के प्रमुख मार्गों को शिव प्रतीकों से जोड़ा गया है। अगले सप्ताह झुमका प्रतिकृति भी स्थापित की जाएगी।

फूलों से सजे बाजार और विशेष श्रृंगार

सराफा बाजार से किला-कुतुबखाना तक प्रमुख चौराहों पर गेंदे और गुलाब की मालाओं से सजावट की गई है। 14 से 16 फरवरी तक विशेष पुष्प श्रृंगार रहेगा।

कहीं शिवलिंग और डमरू की फ्लावर आर्ट तैयार की गई है तो कहीं त्रिशूल, चंद्रमा और सर्प की आकृतियां श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।

मंदिरों में डिजिटल रोशनी, गूंजेगा शिवनाम

नाथ नगरी के प्रमुख शिव मंदिरों को भी फूलों और डिजिटल लाइटिंग से सजाया गया है। शाम ढलते ही मंदिर परिसर शिवधुन और जयकारों से गुंजायमान हो उठेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया है।

प्रशासन का दावा है कि इस बार महाशिवरात्रि पर नाथ नगरी न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर भी अपनी अलग पहचान दर्ज कराएगी।

 

 

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