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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा की सालाना फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दी है। विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने अमेरिकी H1B वीजा कार्यक्रम पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं। इस उपाय के मानवीय परिणाम होने की संभावना है क्योंकि इससे परिवारों को व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब एच-1बी वीजा बम फोड़ा है। उन्होंने इसकी सालाना फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दी है। मामले पर भारत की पहली प्रतिक्रिया आई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "सरकार ने अमेरिकी H1B वीजा कार्यक्रम पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं। इस उपाय के पूर्ण निहितार्थों का अध्ययन सभी संबंधित पक्षों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भारतीय उद्योग भी शामिल है, जिसने H1B कार्यक्रम से संबंधित कुछ धारणाओं को स्पष्ट करते हुए एक प्रारंभिक विश्लेषण पहले ही प्रस्तुत कर दिया है।"

'कई परिवारों पर पड़ सकता है इसका असर'

उन्होंने आगे कहा, "इस उपाय के मानवीय परिणाम होने की संभावना है क्योंकि इससे परिवारों को व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को उम्मीद है कि अमेरिकी अधिकारी इन व्यवधानों का उचित समाधान कर सकेंगे।

ट्रंप के फैसले से भारतीयों में मचा हड़कंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा की लागत को बढ़ाकर 100,000 डॉलर (88 लाख रुपये) करने की घोषणा की है और 21 सितंबर से लागू कर दिया जाएगा। 

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, H1-B धारकों को 21 सितंबर को 12:01 बजे EDT (सुबह 9:31 बजे IST) से पहले संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचने के लिए कहा गया है। इसके बाद, किसी भी H-1B कर्मचारी को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि प्रायोजक फर्म 100,000 डॉलर का शुल्क नहीं चुकाती

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