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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में हाई मास्ट पोल पर लगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर को छात्रों ने पसंद नहीं किया। छात्रों ने लाइट स्थापित करने वाली कंपनी से उन सभी प्लेटों को हटवा दिया, जिन पर मुख्यमंत्री के साथ-साथ एमएलसी और पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की तस्वीरें थीं।  

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में हाई मास्ट के पोल पर लगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर छात्रों को नहीं भाई। छात्रों ने लाइट लगा रही कंपनी से सभी प्लेट को हटवा दिया है जिन पर सीएम के अलावा एमएलसी व पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की तस्वीर लगी थी।

परिसर और हॉल में लगवाई थीं 12 लाइट

एमएलसी ने ही विधायक निधि से यूनिवर्सिटी परिसर व हाल में 12 लाइट लगवाई थीं। तस्वीर हटाने पर राजनीति भी शुरु हो गई है। भाजपा नेता निशित शर्मा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते सीएम से इसकी शिकायत की है। दैनिक जागरण ने बुधवार के अंक में सबसे पहले लाइट लगवाने संबंधी समाचार प्रकाशित किया था।

एमएलसी प्रो. तारिक मंसूर ने एएमयू के सिविल इंजीनियरिंग कालेज चौराहा, यूनिवर्सिटी गेम्स कमेटी, वीमेंस कालेज के अब्दुल्ला हाल, सीईसी और लाइब्रेरी के बीच, एबीके स्कूल(गेस्ट हाउस रोड), अल्लामा बोर्डिंग हाउस के पास, मिंटो कब्रिस्तान, डा. बीआर आंबेडकर हाल, जेएन मेडिकल कालेज (दो लाइट), मोहम्मद हबीब हाल और स्ट्रेची हाल पर लगाई गईं हैं। एक लाइट का खर्च डेढ़ से दो लाख रुपये बताया गया है। इनके अलावा हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल, आवर लेडी फातिमा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रघुवीर बाल मंदिर, टीकाराम इंटर कालेज, हिंदू इंटर कालेज, केला नगर चौराहा, स्टेट बैंक तिराहा, पुरानी चुंगी, मैरिस रोड के अलावा गौंडा ब्लाक में भी लाइट लगवाई हैं।

कंपनी ने लगवाई थी प्लेट

संबंधित कंपनी ने लाइट के पोल पर एक प्लेट भी लगवाई थी। जिसमें निधि का हवाला देते हुए सीएम योगी और एमएलसी की तस्वीर भी लगाई थी। ऐसा पहली बार हुआ था जिसमें किसी योजना से कराए गए विकास कार्य में सीएम की योगी की तस्वीर लगाई थी। एएमयू छात्रों को भी नहीं भाई। उन्होंने पोल से सभी तस्वीर हटवा दीं। भाजपा नेता निशित शर्मा का कहना है कि सीएम की तस्वीर लगी प्लेट हटवाने छात्र कांग्रेस व अन्य दलों से जुड़े हुए हैं।

इनको तस्वीर से इतनी ही आपत्ति थी तो लाइट भी हटवा कर अपनी पार्टी या निजी खर्चे से लगवा लेते। लाइट का आनंद तो लेंगे लेकिन सीएम की तस्वीर से नफरत करेंगे। ये तो दोहरापन है। ऐसे छात्र ही यूनिवर्सिटी को बदनाम करते हैं। आरोपित छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सीएम से भी इसकी शिकायत की है। एएमयू प्राक्टर प्रो. एम वसीम अली का कहना है उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।

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