दिल्ली समाचार
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 में बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने का मामला संसद में उठाया। शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लिखित जवाब में बताया कि पिछले पांच साल में 3.2 लाख से अधिक बच्चे कक्षा 9 में फेल हुए। इनमें से 71,124 बच्चों ने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) में दाखिला लिया।
सरकार ने कहा कि NIOS का उद्देश्य उन छात्रों को शिक्षा का अवसर देना है, जो बार-बार फेल हो जाते हैं, ताकि वे स्कूल प्रणाली से बाहर न हो जाएं।
पिछले पांच साल में फेल हुए छात्र और NIOS में दाखिला लेने वाले छात्र
2020-21: 31,541 फेल, 11,322 NIOS में दाखिला
2021-22: 28,548 फेल, 10,598 NIOS में दाखिला
2022-23: 88,421 फेल, 29,436 NIOS में दाखिला
2023-24: 101,344 फेल, 7,794 NIOS में दाखिला
2024-25: 70,296 फेल, 11,974 NIOS में दाखिला
बीजेपी ने केजरीवाल सरकार के शिक्षा मॉडल पर उठाए सवाल
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि स्वाति मालीवाल के सवाल पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों से यह साबित होता है कि अरविंद केजरीवाल सरकार के शिक्षा मॉडल के दावे खोखले हैं। सचदेवा ने बताया कि कोविड काल में भी 2020-21 और 2021-22 में 31,541 और 28,548 छात्र फेल हुए, जिनमें से केवल 11,322 और 10,598 छात्रों ने ओपन स्कूल से आगे शिक्षा जारी रखी। बाकी 39,519 छात्र पढ़ाई जारी नहीं रख सके।
इसी तरह 2022-23 में 88,421 छात्र फेल हुए, जिनमें से केवल 29,436 ने ओपन स्कूल से शिक्षा जारी रखी। 2023-24 में फेल छात्रों की संख्या 1,01,344 थी, लेकिन केवल 7,794 छात्र पढ़ाई जारी रख सके। 2024-25 में 70,296 छात्र फेल हुए, जिनमें से केवल 11,974 ने ओपन स्कूल से आगे शिक्षा जारी रखी।
बीजेपी का आरोप है कि केजरीवाल सरकार दसवीं की परीक्षा का परिणाम अच्छा दिखाने के लिए कमजोर छात्रों को नौवीं में फेल कर देती थी और संसद में प्रस्तुत आंकड़े इस दावे को प्रमाणित करते हैं।
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