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बरेली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में लापरवाही

गोपनीयता ताक पर, साइकिल-बाइक से ढोई जा रहीं उत्तर पुस्तिकाएं

बरेली यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। बोर्ड के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई परीक्षा केंद्रों से कॉपियों के बंडल साइकिल, बाइक, स्कूटी और ई-रिक्शा से मुख्य संकलन केंद्र तक पहुंचाए जा रहे हैं। इस तरह की व्यवस्था से परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बोर्ड का स्पष्ट निर्देश है कि परीक्षा समाप्ति के बाद केंद्र व्यवस्थापक उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों को पुलिस सुरक्षा के बीच केवल चार पहिया वाहनों से ही मुख्य संकलन केंद्र तक पहुंचाएं। यह प्रावधान इसलिए बनाया गया है ताकि रास्ते में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, क्षति या गड़बड़ी की आशंका न रहे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर नियमों की अनदेखी की जा रही है।

स्कूटी और साइकिल से पहुंचीं कॉपियां

शुक्रवार को पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज में बनाए गए मुख्य संकलन केंद्र के बाहर सुरक्षा मानक ध्वस्त नजर आए। दोपहर 12:24 बजे दो युवक स्कूटी पर उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल लादकर केंद्र पर पहुंचे। इसके कुछ ही मिनट बाद दो अन्य लोग साइकिल के पीछे कॉपियों का बंडल बांधकर परिसर में दाखिल हुए।

इतना ही नहीं, कई स्थानों से ई-रिक्शा और अन्य दोपहिया वाहनों से भी कॉपियां लाए जाने की जानकारी मिली है। खुले वाहनों पर उत्तर पुस्तिकाएं ले जाने से उनके गिरने, फटने या बारिश की स्थिति में खराब होने का खतरा बना रहता है। इससे परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग सकता है।

मुख्य संकलन केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त

पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज को जिले का मुख्य संकलन केंद्र बनाया गया है, जहां 130 परीक्षा केंद्रों की उत्तर पुस्तिकाएं एकत्र की जाती हैं। लेकिन यहां की सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर दिखाई दी। परीक्षा समाप्ति के बाद कॉलेज के मुख्य द्वार पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं मिला।

स्थिति ऐसी रही कि कोई भी बाहरी व्यक्ति बेरोकटोक कॉलेज परिसर में प्रवेश कर सकता था। उत्तर पुस्तिकाओं जैसी संवेदनशील सामग्री के साथ इस तरह की लापरवाही को विशेषज्ञ शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर आघात मान रहे हैं।

गोपनीयता भंग होने की आशंका

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन में जरा सी चूक भी परीक्षा की पारदर्शिता पर असर डाल सकती है। खुले और असुरक्षित साधनों से कॉपियां लाने-ले जाने से छेड़छाड़, अदला-बदली या अन्य अनियमितताओं की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

जिम्मेदारी तय होगी: डीआईओएस

इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों को पूर्व में ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। लगातार निरीक्षण भी कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच कराई जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बोर्ड परीक्षा जैसे संवेदनशील आयोजन में इस प्रकार की लापरवाही न केवल नियमों की अवहेलना है, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न भी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती बरतता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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