बिहार के जहानाबाद में सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि 30 से अधिक घायल हो गए हैं। घटना रात एक बजे की है। चौथी सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इसी दौरान अचानक से धक्का-मुक्की शुरू हो गई देखते ही देखते भगदड़ मच गई जिसकी वजह से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
जहानाबाद:- बिहार के जहानाबाद जिले में मखदूमपुर स्थित सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक के घायल हो गए।
चौथी सोमवारी पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी, इसी दौरान यह घटना घटी।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी सच्चाई
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मनोज सिंह ने बताया कि घटना के वक्त काफी ज्यादा भीड़ थी। हम सभी लाइन में लगे हुए थे। इसी दौरान एक कांवड़िये का फूल-माला बेचने वाले दुकानदार के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया।
देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे पर डंडा चलाने लगे, जिसके कारण लाइन में लगे श्रद्धालु पीछे भागने लगे और आदमी के ऊपर आदमी गिरने लगे। नीचे गिरे लोगों को उठने का मौका नहीं मिला, जिसकी वजह कई लोग मर गए और काफी लोग घायल हो गए
मनोज ने बताया कि घटना मंदिर परिसर में सबसे ऊपर मौजूद फूल की दुकान के पास हुई। दुकानदार और कांवड़िया के लाठी चलाने की वजह से ही यह घटना घटी है।
मनोज ने बताया कि भगदड़ में भी भीड़ के नीचे आ गया था, लेकिन साथियों की मदद से किसी तरह खुद को बचाया है। मुझे भी चोटें आई हैं। उन्होंने दावा किया कि इस हादसे में करीब 50 से 60 लोग घायल हैं।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
मनोज सिंह ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन घटनास्थल पर कोई भी मौजूद नहीं था।
उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर अगर पुलिस मौजूद होती तो कांवड़िया और दुकानदार में मारपीट ही न होती और अगर मारपीट नहीं होती तो ऐसी घट
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