स्कोडा की ओर से भारतीय बाजार में Skoda Slavia के Monte Carlo एडिशन को हाल में ही लॉन्च किया गया है। इस मिड साइज सेडान कार को हमने बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर चलाकर देखा। यह कार चलाने में कितनी दमदार है और इसकी हैंडलिंग कितनी बेहतर है। सामान्य स्लाविया के मुकाबले मोंटे कॉर्लो एडिशन में क्या बदलाव हैं। आइए जानते हैं।
चेक रिपब्लिक की वाहन निर्माता स्कोडा की ओर से भारतीय बाजार में मिड साइज सेडान कार Skoda Slavia के Monte Carlo एडिशन को दो सितंबर 2024 को ही लॉन्च किया गया है। जिसके बाद हमने इसे बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर चलाया। ट्रैक पर चलाने के दौरान इस कार ने कैसा प्रदर्शन किया। इसकी हैंडलिंग, ब्रेकिंग कैसी रही। हम आपको इस खबर में बता
कैसा है Skoda Slavia का Monte Carlo Edition
स्कोडा की ओर से मिड साइज सेडान के तौर पर स्लाविया को भारतीय बाजार में ऑफर किया जाता है। दो सितंबर को ही इसके Monte Carlo एडिशन को लॉन्च किया गया है। जिसमें कई कॉस्मैटिक बदलाव किए गए हैं, जिसके बाद यह गाड़ी ज्यादा बेहतर लगती है। नए एडिशन में ग्लॉसी ब्लैक फिनिश का कई जगह उपयोग किया गया है, जिसे फ्रंट ग्रिल, अलॉय व्हील्स, मिरर, रूफ, विंडो लाइन, बैजिंग, रियर डिफ्यूजर, बूट लिड स्पॉयलर में देखा जा सकता है। क्रोम के मुकाबले ब्लैक फिनिश काफी बेहतर लगती है।
मोंटे कॉर्लो एडिशन को जिस तरह से बाहर से अलग बनाया गया है वैसे ही इसके इंटीरियर में भी ब्लैक के साथ रेड कलर कॉम्बिनेशन को दिया गया है। सीट से लेकर डैशबोर्ड, आर्म रेस्ट और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में भी दोनों रंगों का बेहतर तरीके से तालमेल किया गया है। कार में स्पोर्टी मैटल पैडल्स दिए गए हैं साथ ही Dead Pedal भी दिया गया है जो ड्राइविंग के दौरान ज्यादा आराम देता है।
मिलते हैं इंजन के विकल्प
स्कोडा की ओर से स्लाविया के मोंटे कॉर्लो एडिशन में एक लीटर और 1.5 लीटर के इंजन का विकल्प दिया गया है जो इसके अन्य वेरिएंट्स में भी मिलता है। एक लीटर इंजन को 6स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ लाया गया है और 1.5 लीटर इंजन के साथ 7स्पीड डीएसजी ट्रांसमिशन दिया गया है।
ट्रैक पर कैसा है प्रदर्शन
स्कोडा की स्लाविया के मोंटे कार्लो एडिशन को हमें बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर चलाने का मौका मिला। हालांकि समय काफी सीमित मिला लेकिन कार को ऐसे ट्रैक पर चलाना जहां Formula 1 और Moto GP जैसे इंटरनेशनल स्तर के इवेंट हो चुके हों, काफी रोमांचक अनुभव था। ट्रैक पर हमने इसके 1.5 लीटर और 7स्पीड डीएसजी ट्रांसमिशन वाले वेरिएंट को चलाया। ट्रैक पर पैडल शिफ्टर्स का काफी बेहतर तरीके से उपयोग किया। इस दौरान कार की हैंडलिंग और ब्रेकिंग को जांचने का मौका भी मिला। तेज स्पीड के साथ ही टर्न पर इसने बेहतर प्रदर्शन किया। तेज स्पीड में भी टर्न करने पर कार पूरी तरह से कंट्रोल में रही और स्थिरता भी बनी रही। ट्रैक पर हमने इसे करीब 165 से 168 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनर के मार्गदर्शन में चलाया। इतनी स्पीड पर चलाने के साथ जब तेज ब्रेक लगाए तो भी यह कार कंट्रोल में रही।
फाइनल वर्डिक्ट
स्कोडा की ओर से स्लाविया के मोंटे कार्लो एडिशन को अनुभवी ट्रेनर के मार्गदर्शन में ट्रैक पर चलाया। ट्रैक पर इसकी क्षमता ने हमें प्रभावित किया। पैडल शिफ्टर्स के जरिए जितनी तेजी से इसके गियर्स बदले उसी के मुताबिक गाड़ी ने प्रदर्शन भी किया। इंजन, ट्रांसमिशन के साथ ही सेडान के डिजाइन के कारण यह ट्रैक पर काफी बेहतर लगी। किसी भी गाड़ी को और बेहतर बनाने के लिए सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। वास्तविक परिस्थतियों में यह कितना बेहतर प्रदर्शन करती है इसकी जानकारी तो उचित समय तक चलाने के बाद ड्राइव रिव्यू के समय मिल पाएगी।
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