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राजधानी दिल्ली के 24 अस्पताल परियोजनाओं की लागत बढ़ने और उनके पूरा होने में देरी के कारण आम आदमी पार्टी और राजनिवास एक बार फिर से एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। आप ने कहा- एलजी को पत्र लिखकर अस्पतालों में पद सृजित करने के लिए कहा गया था। जिसके जवाब में एलजी सचिवालय ने कहा कि सेवा विभाग और उपराज्यपाल का पदों के सृजन से कोई लेना-देना नहीं है।

नई दिल्ली। 24 अस्पताल परियोजनाओं की लागत बढ़ने और उनके पूरा होने में विलंब को लेकर आप और राजनिवास एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं। दोनों ही तरफ से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।

सत्तारूढ़ आप ने कहा कि जून 2020 में वैज्ञानिक अनुमान थे कि दिल्ली में कोरोना के 20 लाख मरीज होंगे और लगभग 80,000 मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होगी।

केजरीवाल सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य को दी प्राथमिकता-AAP

बयान में कहा गया है, उस समय दिल्ली सरकार नए अस्पतालों और नए अस्पताल ब्लॉकों के रूप में हजारों आइसीयू बेड बनाने के लिए निर्णय लेने और संसाधन आवंटित करने में सक्रिय थी। केजरीवाल सरकार ने हमेशा बजट की कमी से ऊपर अपने लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी।

एलजी सचिवालय ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कोविड का बहाना लेकर 10,000 करोड़ रुपये की लागत वाली 24 इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, जिनका निर्माण 2020 में एक साल की समयसीमा के साथ शुरू हुआ था, लेकिन वे पूरी बनने से अभी बहुत दूर हैं।

हर साल 5,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता

आरोप लगाया कि इन इमारतों को अस्पताल के रूप में चलाने के लिए हर साल 5,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी और इसके लिए कोई बजटीय प्रविधान नहीं किया गया है। आप ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज एलजी को पत्र लिखकर अस्पतालों के लिए पद सृजित करने के बारे में बता रहे थे।

आप ने आरोप लगाया कि मंत्री लिखित पत्रों के माध्यम से एलजी को याद दिला रहे थे कि जब तक यूपीएससी के माध्यम से पूर्णकालिक स्थायी विशेषज्ञ और डाक्टरों की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक एलजी को अनुबंध के आधार पर डाक्टरों और विशेषज्ञों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

एलजी बहाने बनाकर प्रक्रिया शुरू नहीं कर रहे। एलजी सचिवालय ने कहा कि बेतुके नोट एलजी को लिखने के बजाय, मंत्री को इन अस्पतालों के लिए पदों के सृजन की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए थी। सेवा विभाग और एलजी का इससे लेना-देना नहीं है।

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