लेह में उपराज्यपाल ने उनका जोरदार स्वागत किया है। राष्ट्रपति जवानों का मनोबल बढ़ाएंगी। इससे पहले दो और राष्ट्रपतियों ने सियाचिन बेस कैंप का दौरा कर चुके हैं। ऑपरेशन मेघदूत के तहत भारतीय सेना ने पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया था।
लेह। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (गुरुवार) लद्दाख पहुंची हैं। लेह में उपराज्यपाल ने उनका जोरदार स्वागत किया है। महामहिम सियाचिन बेस कैंप का दौरा करेंगी। अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति वहां तैनात जवानों से बातचीत कर उनका मनोबल बढ़ाएंगी।
राष्ट्रपति मुर्मु दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन बेस कैंप का दौरा करेंगी। वह वहां तैनात जवानों से बातचीत भी करेंगी। राष्ट्रपति भवन ने यह जानकारी दी है। द्रौपदी मुर्मु देश की तीसरी ऐसी राष्ट्रपति हैं, जो सियाचिन का दौरा करेंगी। इससे पहले, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम व राम नाथ कोविन्द सियाचिन बेस कैंप जा चुके हैं।
20 हजार फीट की ऊंचाई है बेस कैंप
कलाम अप्रैल, 2004 में और कोविन्द मई, 2018 में गए थे। काराकोरम पर्वत शृंखला में 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस बेस कैंप में राष्ट्रपति मुर्मु गुरुवार को जाएंगी। 13 अप्रैल, 1984 को सियाचिन ग्लेशियर पर ‘ऑपरेशन मेघदूत’ के तहत भारतीय सेना ने पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया था।
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